hindi poem

वर्षा ऋतू

सावन में जब तू आती है…   सावन में जब तू आती है घनघोर घटाएं छाती हैं कभी पेड़ो को सहलाती है कभी भंवरों के संग आती है बागों में खेलती रहती है छांव में बैठी रहती है ना दुख में कभी तू रोती है बस हंसती हंसती रहती है न जाने कहां से आती […]

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सोये हुनर को पुकार !! हिंदी कविता !!

जाग अब तू जाग रे, जागने का वक़्त आ गया । देखे जो तूने ख्वाब थे, पूरे होने का वक़्त आ गया ।। तेरी हुनर तेरी कला, दब के कहा ये रह गयी । ढून्ढो मुझे खोजो मुझे, तुमसे ये वो कह रही ।। सूनी है तेरी जिंदगी, अपनी तू पहचान बना ले। तेरी हुनर ही तेरी पहचान है, […]

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