Tag «ये तो मोहोब्बत का नूर है»

ये तो मोहोब्बत का नूर है

रोज एक हंगामा सामने आ जाता है। तब आखो से आसू निकल ही आता है! ये तो मोहोब्बत का नूर है साहिब। कभी कम तो कभी ज्यादा आ जाता है!! जनता हू क्यों मेरी परवा नहीं करते वो  जमाने की हवा कान मे है ऐसे नहीं थे वो  मेरा खुश रहना जमाने को रास नहीं …

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