Rabbit And Tortoise Story In Hindi खरगोश और कछुआ की कहानी

दोस्तों जब किसी को अपनी खूबियों पर घमंड होने लगता है तो समय-समय पर वह घमंड चकनाचूर भी होने लगता है। और वही दूसरी तरफ अगर कोई पूरी लगन और मेहनत से काम करें तो वह जिंदगी की हर जंग जीत सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको कछुआ और खरगोश की कहानी (Rabbit And Tortoise Story In Hindi) सुनाने जा रहे हैं।

यह एक ऐसी कहानी है, जो कि हमेशा सभी लोग पसंद करते आए हैं। तो समय को बिना गवाये कहानी (Rabbit And Tortoise Story) शुरू करते हैं।

कछुआ और खरगोश (Rabbit And Turtle)

एक बार की बात है, खरगोश (Rabbit) और कछुआ (Tortoise) बहुत अच्छे दोस्त थे। और दोनों साथ में जंगल में रहते थे। खरगोश, कछुये का मज़ाक उड़ाने लगा की, तुमारी चाल इतनी धीमी (Slow and steady) है कि, अगर कोई संकट आये तो खुद की रक्षा भी नहीं कर पाओगे और भी कई तरीके से खरगोश ने कछुये का मज़ाक उड़ाया।

कछुये को इस बात का बुरा लगा, और फिर उसने जंगल में सभी जानवरो की सभा बुलाकर पंचो के सामने मज़ाक उड़ाने वाली बात बताई। जंगल में सभी जानते थे की, खरगोश बहुत आलसी है। इसलिये सभी ने मिलकर कहा कि, कछुआ और खरगोश की दौड़ करायी जाये इससे सिद्ध हो जायेगा की, खरगोश ने सही में मज़ाक उड़ाया या नहीं।

Kargosh Aur Kachhuye Ki Daud

खरगोश ये सुनकर बहुत खुश हुआ क्योंकि, खरगोश बहुत तेज़ दौड़ता है। और कछुये ने भी बात मान ली। फिर खरगोश और कछुये की दौड़ चालू की गयी, सभी जंगल के जानवर इस दौड़ को देख रहे थे। खरगोश इस दौड़ में बहुत आगे निकल गया

Rabbit And Tortoise Story In Hindi

फिर उसने पीछे देखा तो कछुआ दूर-दूर तक दिखाई नहीं दिया। तो खरगोश ने सोचा की कछुये को आने में तो बहुत समय लगेगा, जब तक पास में लगे खेत से गाजर खा लेता हूं। खरगोश गाजर खाने लगा और ताज़े फल-सब्ज़ी खायी।

अब फिर खरगोश ने देखा तो भी कछुआ दूर तक दिखाई नहीं दिया। तो खरगोश ने सोचा इस पेड़ की घनी छाया है, थोडी देर आराम भी कर लिया जाये। और यही सोचकर वो आराम करने लगा और भर पेट खाना खाने के बाद उसकी नींद लग गयी।

Hindi Story With Moral

यहाँ कछुआ बिना रुके निरंतर चल रहा था। और जहाँ खरगोश सो रहा था वहाँ से भी आराम से निकल गया।

Rabbit And Tortoise Story In Hindi

अपने लक्ष्य तक पहुच गया। इधर जब खरगोश की आँख खुली तो उसने दौड़ना शुरू कर दिया। और फिर जब वो पहुचा तो उसने देखा कछुआ और पहले से वहाँ पहुँच चुका था। 

Rabbit And Tortoise Story In Hindi

खरगोश को अपनी गलती का एहसास हो गया था। और उसने अपने मित्र कछुये से माफ़ी मांगी, और काम के समय पर आलस न करने का वादा भी किया। सारे जानवरो को आज एक नयी सीख मिल गयी थी।

Tortoise And Rabbit Story Moral

वास्तव में इस कहानी से पूरी दुनिया को सीख लेना चाहिए की, जो निरंतर अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करता है। तो वो वह काम भी कर सकता है। जिसको उसने कभी किया नहीं, या उसका कोई अभ्यास भी नहीं। अगर पूरी लगन से काम करो तो उसमे सफलता जरूर मिलती है। कोई भी आपके आगे नहीं निकल सकता अगर आप पूरी मेहनत से काम करते है तो। 

दोस्तों मेने ऐसे ही बहुत सारी स्टोरी आपके लिए लिखी है। अगर आप ऐसी कहानियो में रूचि रखते हो तो, जरूर पढ़े और कमेंट में बताये की आपको कहानी कैसी लगी और कोन सी कहानी आप सुनना चाहते है। अगर आपको खरगोश और कछुआ की कहानी (Rabbit And Tortoise Story In Hindi) अच्छी लगी हो तो कमेंट करके बताये।

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