तुझको भी मेरे लफ्जों की बात चाहिए।

खामोश खड़ा हु राहों में तेरा साथ चाहिए,

तन्हा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए।

मुझको मेरे मुकद्दर पर इतना यकीन तो है,

तुझको भी मेरे लफ्जों की बात चाहिए।

में खुद अपनी शायरी को अच्छा क्या कहु,

मुझे तेरी तारीफ तेरी दाद चाहिए।

एहसास-ये-मोहोब्बत तेरे ही बास्ते है मेरी,

लेकिन जूनून-ये-इश्क को तेरी हर सौगात चाहिए।

तू मुझको पाने की ख्वाइश रखता है लेकिन,

मुझे जीने के लिए तेरा साथ चाहिए।

खामोश खड़ा हु राहों में तेरा साथ चाहिए,

तन्हा है मेरा हाथ तेरा हाथ चाहिए।

मुझको मेरे मुकद्दर पर इतना यकीन तो है,

तुझको भी मेरे लफ्जों की बात चाहिए।

                                                                                                                                            RAHUL K 

Share & Support
Skip to toolbar