“चाणक्य नीति”

आचार्य चाणक्य की नीतियों का अद्भुत संग्रह है

 

  • दुष्ट पत्नी, झूठा मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है। 

 

 

 

  • भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें। ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है।  

 

  • उस देश मे निवास न करें जहाँ आपकी कोई ईज्जत नहीं हो, जहा आप रोजगार नहीं कमा सकते, जहा आपका कोई मित्र नहीं और जहा आप कोई ज्ञान आर्जित नहीं कर सकते।  

 

  • ऐसे जगह एक दिन भी निवास न करें जहाँ निम्नलिखित पांच ना हो:
  1. एक धनवान व्यक्ति ,
  2. एक ब्राह्मण जो वैदिक शास्त्रों में निपुण हो,
  3. एक राजा,
  4. एक नदी ,
  5. और एक चिकित्सक।  

 

  • बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे देश में कभी नहीं जाना चाहिए जहाँ :
  1. रोजगार कमाने का कोई माध्यम ना हो,
  2. जहा लोगों को किसी बात का भय न हो,
  3. जहा लोगो को किसी बात की लज्जा न हो, 
  4. जहा लोग बुद्धिमान न हो,
  5. और जहाँ लोगो की वृत्ति दान धरम करने की ना हो।

 

  • नौकर की परीक्षा तब करें जब वह कर्त्तव्य का पालन  न कर रहा हो, 
  • रिश्तेदार की परीक्षा तब करें जब आप मुसीबत मे घिरें हों,
  • मित्र की परीक्षा विपरीत परिस्थितियों मे करें,
  • और जब आपका वक्त अच्छा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा करे।  

 

  • अगर हो सके तो विष मे से भी अमृत निकाल लें, 
  • यदि सोना गन्दगी में भी पड़ा हो तो उसे उठाये, धोएं और अपनाये,
  • निचले कुल मे जन्म लेने वाले से भी सर्वोत्तम ज्ञान ग्रहण करें, 
  • उसी तरह यदि कोई बदनाम घर की कन्या भी महान गुणो से संपनन है और आपको कोई सीख देती है तो गहण करे.

 

  • झूठ बोलना, कठोरता, छल करना, बेवकूफी करना, लालच, अपवित्रता  और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है।  

 

  • एक बुरे मित्र पर तो कभी विश्वास ना करे। एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करें। क्यूंकि यदि ऐसे लोग आपसे रुष्ट होते है तो आप के सभी राज से पर्दा खोल देंगे।
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