अब तुम मुझे अपना बनाओ ना

ना जाने खुदा ने तुझे कैसे बनाया होगा,

तेरे जज्बातों को किस तरह सजाया होगा।

जब भी देखता हु तो यही सोचता हु की जिस तरह,

मुझे बनाया होगा बस उसी तरह मुझे बनाया होगा।

तो दूर क्यों हो मुझसे जरा पास आओ ना,

अपने दिल के जज्वातो को मेरे दिल से टकराओ ना।

कहते है प्यार में आखो से बाते होती है,

तो वो अनजानी बाते मुझे भी सुनाओ ना।

कहते है आइना कभी झूठ नहीं बोलता,

तो अपना वो आयना मुझको बनाओ ना।

जैसे सागर में नदी मिल जाती है,

बस वो नदी बनकर मुझमे मिल जाओ ना।

जैसे चाँद की चांदनी है, सूरज की रोशनी है,

कुछ इस तरह का रिश्ता मुझसे बनाओ ना

बहुत खूबसूरत होगा अपना ये चाहतो का जहा,

बस अब तुम मुझको अपना बनाओ ना।

बस अब तुम मुझको अपना बनाओ ना।।

 

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